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गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि श्रृंगी ऋषि जन्म महोत्सव भव्य रूप से सम्पन्न, सामाजिक एकता और संस्कारों का दिया संदेश

नई दिल्ली: पीरागढ़ी स्थित ग्रीन लाउंज बैंक्वेट हॉल में सिखवाल ब्राह्मण समाज, दिल्ली-एनसीआर द्वारा आयोजित “गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि श्रृंगी ऋषि जन्म महोत्सव” श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिकों, पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता और पारिवारिक सौहार्द का परिचय दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं महर्षि श्रृंगी ऋषि के स्मरण के साथ हुआ। पूरे आयोजन में गुरु परंपरा के महत्व, भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता तथा समाज को संगठित रखने के संदेश पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विप्र सेना के राष्ट्रीय प्रमुख श्री सुनील तिवारी, नांगलोई विधानसभा से भाजपा विधायक श्री मनोज शौकीन तथा भाजपा राजस्थान प्रकोष्ठ, दिल्ली प्रदेश के संयोजक सीए राम अटल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिखवाल ब्राह्मण समाज, दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष एवं विप्र सेना के कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रेम ओझा ने की।

अपने संबोधन में श्री प्रेम ओझा ने इस सफल आयोजन का श्रेय समाज के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों को देते हुए कहा कि सभी के सहयोग और समर्पण से यह कार्यक्रम भव्य एवं सफल बन पाया। उन्होंने समाज को निरंतर संगठित रखने और युवाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का आह्वान किया।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्री सुनील तिवारी ने कहा कि ब्राह्मण समाज केवल एक जाति नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और समाज को दिशा देने वाली शक्ति है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और संस्कारों को मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि जब समाज संगठित होगा, तभी राष्ट्र भी सशक्त बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने तथा आधुनिक युग में भी भारतीय मूल्यों और परंपराओं को अपनाए रखने की अपील की।

मुख्य अतिथियों ने भी समाज द्वारा आयोजित इस पारिवारिक मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता, पारिवारिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसे एक पारिवारिक मिलन समारोह के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। आपसी परिचय, संवाद और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज के सदस्यों के बीच भाईचारे और एकजुटता को और अधिक सुदृढ़ किया गया।

समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को संगठित रखने का संकल्प दोहराया।

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