सामाजिक क्षेत्र में लगभग दो दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय मंच पर हुआ सम्मान
राष्ट्र प्रथम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में ‘परिवर्तन बनें’ संस्था द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता श्री रामस्वरूप साहू को सामाजिक क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन, समर्पित एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘जीवन गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित सम्मान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक एवं भारत-तिब्बत मैत्री संघ के संस्थापक श्री इंद्रेश कुमार जी ने प्रदान किया। देश के प्रतिष्ठित मंच भारत मंडपम में श्री इंद्रेश कुमार जी के हाथों सम्मान प्राप्त करना श्री साहू के लिए गौरव और भावुकता का विशेष क्षण रहा।
लगभग 20 वर्षों से सामाजिक सेवा में सक्रिय
श्री रामस्वरूप साहू ने सामाजिक सेवा के क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों तक स्वयंसेवी संस्था ‘ललिता समग्र विकास संस्थान’ के संस्थापक एवं अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, जनअधिकार, जनकल्याण तथा समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों के बीच निरंतर कार्य किया।
उनका प्रयास विशेष रूप से समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अधिकार, अवसर और सहयोग पहुंचाने का रहा है। लंबे समय तक सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय सम्मेलन में जुटीं अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां
कार्यक्रम में एयर मार्शल डॉ. आर.सी. वाजपेयी, डॉ. यशवीर सिंह, श्री शिव नंदन जी, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता संदीप मारवाह, संस्था के अध्यक्ष मासूक अली, सचिव जस्मीन तथा दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. रमा यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियां उपस्थित रहीं।
‘परिवर्तन बनें’ संस्था के संस्थापक श्री शिवप्रताप सिंह जी ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं के योगदान को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का संचालन संस्था की उपनिदेशक श्रीमती रिज़वाना बानो जी ने प्रभावी एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया।
महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा
राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय “वैश्विक नवाचार, नेतृत्व एवं परिवर्तनकारी बदलाव में अग्रणी महिलाएं” रहा। सम्मेलन में महिलाओं के नेतृत्व, नवाचार, सामाजिक परिवर्तन एवं सशक्तिकरण सहित समाज के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।
इस अवसर पर डॉ. रमा यादव जी के निर्देशन में विशेष नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक जागरूकता एवं महिला सशक्तिकरण का प्रभावी संदेश दिया गया।
“यह सम्मान पुरस्कार नहीं, समाज के प्रति नई जिम्मेदारी है”
सम्मान प्राप्त करने के बाद रामस्वरूप साहू ने कहा कि भारत मंडपम जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर श्री इंद्रेश कुमार जी के हाथों सम्मान प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।
उन्होंने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए केवल पुरस्कार नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक निष्ठा एवं समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा है। मेरा प्रयास सदैव समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शिक्षा, अधिकार, अवसर और सहयोग पहुंचाने का रहा है।”
उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा उनके लिए केवल एक कार्य नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी है। वे भविष्य में भी पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों को जारी रखेंगे।
परिवार और सहयोगियों को समर्पित किया सम्मान
रामस्वरूप साहू ने यह सम्मान अपने परिवार, सहयोगियों तथा सामाजिक क्षेत्र में वर्षों से उनके साथ कार्य करने वाले सभी साथियों को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा की उनकी लगभग दो दशक लंबी यात्रा में परिवार, सहयोगियों और समाज के अनेक लोगों का निरंतर सहयोग मिला है। यह सम्मान उन सभी के विश्वास, सहयोग और प्रेरणा का भी सम्मान है।
लगभग दो दशकों की सामाजिक सेवा, स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से जनकल्याण के लिए किए गए निरंतर प्रयासों और समाज के वंचित वर्गों के प्रति समर्पण के लिए मिला यह जीवन गौरव सम्मान रामस्वरूप साहू की सामाजिक प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।