आधिकारिक जांच में VPVV टेक्नो कंस्ट्रक्शन के खिलाफ गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला

# कंपनी ने जांच के नतीजों को सार्वजनिक करते हुए अपनी छवि खराब करने की कोशिशों को नकारा है। साथ ही, भ्रामक और झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का फैसला लिया है

नई दिल्ली: VPVV टेक्नो कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हमेशा कानून के दायरे में काम करने और सरकारी अधिकारियों का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध रही है। नई दिल्ली के वसंत विहार थाने से लेकर कमिश्नर स्तर तक हुई एक आधिकारिक पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि कंपनी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं। जांच में किसी भी तरह का अपराध नहीं पाया गया है।

इस जांच के दौरान कंपनी को नोटिस दिए गए, कंपनी के दफ्तरों का दौरा किया गया और कंपनी के निदेशकों (Directors) से पूछताछ की गई। शिकायतकर्ताओं को अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने का पूरा मौका दिया गया था, लेकिन वे जांच के दौरान कोई भी दस्तावेजी सबूत नहीं दे पाए।

कंपनी ने नई दिल्ली के ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इन तथ्यों को सामने रखा। इस मौके पर कंपनी के अधिकारियों—श्री अकील अहमद (VP ऑपरेशन्स), श्री वेंकट वेंकट (चेयरमैन), और श्री राजन मलिक (प्रिंसिपल स्ट्रेटेजिस्ट) ने मीडिया के सामने जांच से जुड़े आधिकारिक दस्तावेज और रिकॉर्ड पेश किए।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि VPVV एक पूरी तरह से रजिस्टर्ड संस्था है जो केवल कानूनी रूप से कंस्ट्रक्शन (निर्माण) का काम करती है और सभी नियमों का पालन करती आई है। जांच के हर चरण में कंपनी के निदेशकों और प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस का पूरा सहयोग किया गया है।

VPVV कंपनी का कहना है कि ये आरोप उनके तीन पूर्व कर्मचारियों—श्रीराम एस., अजीश रामचंद्रन और हरि कृष्णन की तरफ से लगाए गए थे, जो अब कंपनी का हिस्सा नहीं हैं। कंपनी का मानना है कि ये आरोप बिना किसी कानूनी या वास्तविक आधार के कंपनी, उसके कर्मचारियों और पार्टनर्स की छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाए गए हैं।

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