FOAII के बैनर तले निजी आईटीआई प्रबंधकों का जंतर-मंतर मार्च, थर्ड शिफ्ट बहाली समेत कई मांगें उठाईं

देशभर से जुटे निजी आईटीआई संचालकों ने कौशल विकास क्षेत्र से जुड़े 15 प्रमुख मुद्दों पर सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की
राष्ट्र प्रथम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया आईटीआई (FOAII) के बैनर तले देशभर के निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के संचालकों एवं प्रबंधकों ने सोमवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान निजी आईटीआई क्षेत्र से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल समाधान की मांग की गई।
प्रदर्शन का नेतृत्व फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया आईटीआई (FOAII) तथा ऑल इंडिया आईटीआई प्रबंधक राज्यस्तरीय एवं राष्ट्रीय संगठन समन्वय समिति ने किया। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए आईटीआई संचालकों ने कौशल विकास क्षेत्र को मजबूत बनाने तथा निजी संस्थानों के समक्ष मौजूद प्रशासनिक और नीतिगत चुनौतियों को दूर करने की मांग उठाई।
सभा को संबोधित करते हुए फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया आईटीआई के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. पुरुषोत्तम कुमार यादव ने कहा, “निजी आईटीआई संस्थान देश के युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार कर रहे हैं, लेकिन उनकी अनेक समस्याएं वर्षों से लंबित हैं। हमारी मांग है कि थर्ड शिफ्ट और एनआईएमएस से संबंधित माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन किया जाए, लंबित भुगतान जारी किए जाएं और निजी संस्थानों को कौशल विकास कार्यक्रमों में समान अवसर प्रदान किए जाएं।”
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया आईटीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेन्द्र आचार्य ने कहा, “आज जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ यह दर्शाती है कि निजी आईटीआई क्षेत्र अपनी समस्याओं को लेकर गंभीर है। सरकार को ऐसे निर्णय लेने चाहिए जो कौशल शिक्षा को मजबूत करें, निजी संस्थानों को प्रोत्साहन दें और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाएं।”
वहीं राष्ट्रीय संयोजक एवं सलाहकार सुशील कुमार सिंह ने कहा, “हमारी मांग केवल संस्थानों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कौशल विकास तंत्र को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने से जुड़ी है। एक देश-एक पोर्टल, सीट क्षमता में वृद्धि और संस्थागत प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे कदम पूरे क्षेत्र को नई दिशा देंगे।”
प्रदर्शन के समानांतर FOAII के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) तथा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर निजी आईटीआई क्षेत्र की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। ज्ञापन में थर्ड शिफ्ट की बहाली, एनआईएमएस से जुड़े मामलों में न्यायालय के आदेशों का अनुपालन, पीएमकेवीवाई के अंतर्गत लंबित भुगतान, सीट क्षमता में वृद्धि, डी-अफिलिएट यूनिटों को पुनः अवसर प्रदान करने, एक देश-एक पोर्टल लागू करने, स्किल हब से जोड़ने तथा निजी आईटीआई संस्थानों को सरकारी योजनाओं में समान भागीदारी देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि निजी आईटीआई देश के कौशल विकास अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान आवश्यक है।



