
– हर्निया और गॉलब्लैडर की जटिल सर्जरी अधिक सटीक और कम से कम दर्द के साथ हुई संपन्न, मरीजों के मामले में बेहतर परिणाम
बृजेंद्र गोयल
मानेसर: उन्नत सर्जिकल लाभ और नेक्स्ट-जेन मिनीमॅली इन्वेसिव केयर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर के जनरल सर्जरी विभाग ने अब तक 50+ रोबोट-असिसस्टेड सर्जरी की हैं, और इस प्रकार अस्पताल की विभिन्न स्पेश्यलिटीज़ में 150 से अधिक रोबोटिक प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह उपलब्धि कई प्रकार की जटिल प्रक्रियाओं जैसे पेट की भीतरी सतह के रीकंस्ट्रक्शन, हर्निया रिपेयर, और गॉलब्लैडर सर्जरी आदि को एडवांस रोबोटिक-असिस्टेड प्रक्रियाओं के मामले में अस्पताल की लगातार बढ़ रही विशेषज्ञता दर्शाती है।
इस उपलब्धि को दर्ज कराने के साथ ही, अस्पताल ने ऐसी कई जटिल और सफल प्रक्रियाओं की भी जानकारी दी जिन्हें रोबोट-असिस्टेड सर्जरी की मदद से पूरा किया गया है। इनमें एक मामला, 61-वर्षीय महिला का है जो पेट में बड़े और जटिल किस्म के इररिड्यूसिबल हर्निया की रोबोट की मदद से की गई सर्जरी का है। यह प्रक्रिया इस वजह से काफी चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि मरीज अन्य कई रोगों जैसे लिवर सिरोसिस, डायबिटीज़, हाइपरटेंशन, एनीमिया और हाइपोथॉयराइडिज़्म से भी ग्रस्त थीं। रोबोटिक टेक्नोलॉजी की सहायता से, अस्पताल के सर्जनों ने काफी सटीक तरीके से रिपेयर और बेहतर कंट्रोल तथा कम से कम रक्तस्राव सुनिश्चित करते हुए कई अन्य जटिलताओं जैसे मलमार्ग बाधित होने और ऊतकों को नुकसान पहुंचने से भी बचाया। यह सर्जरी लगभग दो घंटे चली और मरीज की हालत अब स्थिर है।
एक अन्य इमरजेंसी मामले में, 49-वर्षीय पुरुष ने बार-बार अंबलिकल हर्निया और पेट की मांसपेशियों के अलग हटने की वजह से पेट दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल का दरवाजा खटखटाया था। उनकी जटिल रोबोट-असिस्टेड मेश रिपेयर सर्जरी की गई जिसे मिनीमॅली इन्वेसिव तकनीक से पूरा किया। करीब तीन घंटे चली इस सर्जरी ने हर्निया और मांसपेशियों से संबंधित विकार को सफलतापूर्वक दूर किया, और साथ ही, इस तकलीफ के बार-बार पैदा होने और भविष्य में जटिलताओं की आशंका को भी काफी हद तक दूर कर दिया है। मरीज धीरे-धीरे रिकवरी की राह पर हैं। रोबोटिक-असिस्टेड तकनीकों का इस्तेमाल जटिल किस्म की एब्डॉमिलन वॉल रीकंस्ट्रक्शन के लिए काफी किया जाने लगा है क्योंकि यह सटीकता के साथ-साथ मिनीमॅली इन्वेसिव लाभ भी दिलाती है।
इस बीच, गॉलब्लैडर सर्जरी के मामलों में भी रोबोटिक-असिस्टेड सर्जिकल प्रोग्राम के लाभ सफलतापूर्वक प्रदर्शित किए गए हैं। गॉलस्टोन्स (पित्ताशय की पथरी) से पीड़ित, 32-वर्षीय महिला मरीज की रोबोट-असिस्टेड कोलेसिक्टेक्टॉमी (पित्ताशय हटाने की सर्जरी) की गई और शीघ्र रिकवरी होते ही, अगले ही दिन वह अपनी एक पारिवारिक जिम्मेदारी पूरी करने के लिए ट्रैवल करने में समर्थ हो चुकी थीं। इसी तरह, 28-वर्षीय एक अन्य महिला मरीज को पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था और जांच के बाद पित्ताशय की पथरी के लक्षण पाए गए। विस्तृत जांच में पित्ताशय में बड़े आकार की पथरी का पता चला। मरीज की रोबोटिक-असिस्टेड कोलेसिक्टेक्टॉमी की गई, और मिनीमॅली इन्वेसिव रोबोटिक प्रक्रिया से उनके पित्ताशय (गॉलब्लैडर) को न्यूनतम तकलीफ के साथ हटाया गया, परिणामस्वरूप मरीज की रिकवरी तेजी से हो पायी। सर्जरी के दो दिन बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
डॉ राकेश कुमार, डायरेक्टर – रोबोटिक जनरल सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा, “जनरल सर्जरी विभाग में 50 से अधिक रोबोटिक सर्जरी पूरी करना वास्तव में, हमारे अस्पताल की सर्जिकल उत्कृष्टता और मरीजों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल में हमारी दिनों-दिन बढ़ रही दक्षता का प्रमाण है। आज दुनियाभर में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी का इस्तेमाल, खासतौर से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, हर्निया, यूरोलॉजी, और गाइनीकोलॉजिकल प्रक्रियाओं में बढ़ रहा है, जो पारंपरिक लैपरोस्कोपी की तुलना में उन्नत और बेहतर परिणाम दिलाती है। यह टेक्नोलॉजी सटीकता, खासतौर से जटिल मामलों में, सुनिश्चित करने के साथ-साथ रिकवरी का समय कम करने, दर्द घटाने और जटिलताओं के जोखिमों को भी कम करने में मददगार साबित हो रही है। हमारी नवीनतम उपलब्धि ने एडवांस सर्जिकल केयर की हमारी विज़न को और मजबूती दी है।”
अभिजित सिंह, फेसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल मानेसर ने कहा, “फोर्टिस मानेसर के रोबोटिक सर्जरी प्रोग्राम ने अब तक विभिन्न स्पेश्यलिटीज़ में 150 से अधिक प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया है जो रूटीन और बेहद जटिल सर्जिकल मामलों को अधिक सटीक ढंग से तथा बेहतर क्लीनिकल परिणाम सुनिश्चित करने की अस्पताल की योग्यता दर्शाता है। इस टेक्नोलॉजी के चलते छोटे आकार का चीरा लगाया जाता है जिससे रक्तस्राव कम होता है और जटिलताओं का जोखिम भी घटता है, अस्पताल में भी मरीज को कम के लिए रुकना पड़ता है, तथा मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है। इस उपलब्धि के साथ ही, फोर्टिस मानेसर ने एडवांस सर्जिकल इनोवेशन सेंटर की अपनी साख को मजबूत बनाते हुए, वर्ल्ड-क्लास रोबोटिक केयर को हरियाणा एवं एनसीआर के मरीजों के और नजदीक पहुंचाया है।”



