झारखंड छात्र आंदोलन को मिला जेएएफ का साथ।

छात्र आंदोलन को हमारा समर्थन;दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई:-जेएएफ।

नई दिल्ली। झारखण्ड प्रदेश से संबद्ध देश-विदेश के शिक्षाविदों,बु‌द्धिजीवियों और प्रबुद्ध नागरिकों के संगठन ‘झारखंड एकेडमिक फोरम’ ने छात्र आन्दोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया है।दिल्ली में आयोजित एक बैठक में संस्था के संस्थापक-अध्यक्ष और दिल्ली विश्वविद्यालय में वरिष्ठ प्रोफेसर प्रो. निरंजन कुमार की अध्यक्षता में झारखण्ड में चल रहे छात्र आन्दोलन पर गहन चर्चा हुई।
प्रो.निरंजन कुमार ने कहा कि झारखंड राज्य की स्थापना जिन सपनों और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ हुई थी, उसका निरंतर क्षरण हो रहा है।यह अत्यंत दुखद है कि स्थापना के जितने वर्ष नहीं हुए,उससे दोगुना तो रोजगार-नियुक्ति प्रक्रियाओं में गड़बड़ी को लेकर प्रश्न खड़े हो चुके हैं।
14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा गंभीर आरोपों से घिरी।राज्य ने सीआईडी जांच के आदेश दिए,छापेमारी व गिरफ्तारियां हुई और मुख्य परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। जेएसएससी-सीजीएल का प्रश्नपत्र लीक होकर रद्द हुआ।‘उत्पाद-सिपाही’ की दौड़ के दौरान एक दर्जन से अधिक युवाओं की मृत्यु ने व्यवस्था की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया।मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बड़ी संख्या में ओएमआर पत्र बदले गए।यह कुछ दलालों की धांधली नहीं,बल्कि भ्रष्टाचार,सरकारी मिलीभगत और संस्थागत जवाबदेही के अभाव का कुचक्र है।इन सबने हमारे झारखण्ड की सबसे बड़ी पूंजी ‘युवा-शक्ति’ की अकादमिक हत्या की है। इन विकट परिस्थितियों में भूखे-प्यासे बारिश में भीगते छात्र मर्यादित और लोकतान्त्रिक तरीके से सरकार और संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध आंदोलन पर उतरे हैं। जंतर-मंतर पर हुए हालिया आंदोलन की तुलना में इस अराजनीतिक आन्दोलन ने छात्रों के वास्तविक मुद्दों को उठाया है।
झारखंड एकेडमिक फोरम(जे.ए.एफ.)किसी दल या व्यक्ति के विरुद्ध नहीं,बल्कि झारखण्ड से जुड़े देश-विदेश में स्थित शिक्षाविदों,बु‌द्धिजीवियों और नागरिकों की उस चेतना का स्वर है जो विकसित झारखंड के लिए समर्पित है,और वर्तमान समय में जे.ए.एफ.चाहता है कि हर शिकायत की स्वतंत्र जांच हो,जिसकी रिपोर्ट सार्वजनिक हो, दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई हो,ताकि झारखंड के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद हो।
इस आन्दोलन को नैतिक समर्थन देते हुए “झारखंड एकेडमिक फोरम”(जे.ए.एफ.)यह माँग करता है कि विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जाँच, समयबद्ध व पारदर्शी भर्ती,तथा जेपीएससी-जेएसएससी में ढाँचागत सुधार हो।साथ ही फोरम देश भर के शिक्षाविदों,बुद्धिजीवियों और आम जनता से यह अपील करता है कि छात्रों की माँगों का समर्थन करें।

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