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भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 45वें स्थापना दिवस पर भव्य राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन एवं भामाशाह सम्मान समारोह सम्पन्न

व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देकर ही बनेगा विकसित भारत: अर्जुन राम मेघवाल

स्थानीय उत्पाद, स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 जिलों का लक्ष्य तय करे सरकार: बीयूवीएम

नई दिल्ली: भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में भव्य राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन एवं भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बाबूलाल गुप्ता (राजस्थान) ने की तथा प्रभावशाली संचालन राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री श्री मुकुंद मिश्रा (उत्तर प्रदेश) ने किया।

सम्मेलन में देश के 24 राज्यों एवं 2 केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 1000 व्यापारी प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर व्यापारी एकता, संगठनात्मक शक्ति एवं राष्ट्रीय समन्वय का परिचय दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल रहे। उन्होंने कहा कि व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। देश की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाने के लिए व्यापार एवं वाणिज्य को और गति देना आवश्यक है। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि जीएसटी, ऑनलाइन ट्रेड सहित कारोबार से जुड़े विषयों पर सरकार उनकी चिंताओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

कार्यक्रम में दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, राज्यसभा सांसद श्रीमती साधना सिंह एवं पूर्व सांसद तथा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री भैरव प्रसाद मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ व्यापारी नेता उपस्थित रहे।

संगठन के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारियों में महाराष्ट्र से श्री मोहन गुरुनानी एवं श्री किशोर भाई खारावाला, पश्चिम बंगाल से श्री तारकनाथ त्रिवेदी, कर्नाटक से श्री राजपुरोहित एवं श्री अनुराग सिंगला, उत्तराखंड से श्री प्रकाश मिश्रा, दिल्ली से श्री हेमंत गुप्ता, श्री प्रेम अरोड़ा एवं श्री राकेश यादव, त्रिपुरा से श्री सुजीत राय, ओडिशा से श्री प्रहलाद खंडेलवाल, छत्तीसगढ़ से श्री अशोक मोदी, मध्य प्रदेश से श्री गोपाल अग्रवाल एवं श्री राजेश जैन, केरल से श्री राजू अप्सरा, तमिलनाडु से श्री सौंदर्य राजन, हरियाणा से श्री विजयलक्ष्मी गुप्ता एवं श्री भानु जी, पंजाब से श्री रंजन अग्रवाल एवं श्री प्यारेलाल सेठ, चंडीगढ़ से श्री चरणजीत सिंह एवं श्री संजीव तथा उत्तर प्रदेश से श्री राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, श्री दिलीप सेठ, श्री सुनील पांडे एवं श्री अशोक कंसल सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सम्मेलन में स्थानीय उत्पाद, स्थानीय व्यापार एवं स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने तथा लोकल फॉर ग्लोबल की दिशा में देश के 500 जिलों के लक्ष्य को बढ़ाकर 1,000 जिलों तक करने की मांग रखी गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने से जिलों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी तथा गांवों के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सकेगा।

सम्मेलन में ऑनलाइन व्यापार के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी नियामकीय व्यवस्था, छोटे एवं पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण, ई-कॉमर्स एवं मॉल संस्कृति से उत्पन्न असमान प्रतिस्पर्धा को दूर करने, एमएसएमई को मजबूत करने, “जिले का निवेश जिले में हो” की अवधारणा को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक जिले में व्यापारी सहायता समूह गठित करने सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

इसके साथ ही एक देश–एक मंडी टैक्स, मंडी सेस को 0.50 प्रतिशत तक सीमित करने, जीएसटी एवं पुराने वैट मामलों के समाधान के लिए एमनेस्टी योजना, किराये की दुकानों एवं मकानों पर जीएसटी में राहत, जीएसटी विलंब ब्याज में कमी तथा एफएसएसएआई के नियमों को सरल बनाने जैसी व्यापारियों से जुड़ी प्रमुख मांगों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन विषयों पर विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि व्यापारी राजनीति के जनक, भारतीय जनता पार्टी के चार बार सांसद एवं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के संस्थापक स्वर्गीय श्याम बिहारी मिश्रा जी ने लगभग 45 वर्ष पूर्व व्यापारी एकता एवं व्यापारी हितों की रक्षा का जो आंदोलन प्रारंभ किया था, वही आज एक विशाल राष्ट्रीय स्वरूप धारण कर चुका है। संगठन की सभी प्रादेशिक, जिला एवं नगर इकाइयां उसी संकल्प के साथ व्यापारी समाज के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर कार्य कर रही हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बाबूलाल गुप्ता ने संगठन की विभिन्न प्रादेशिक इकाइयों द्वारा देशभर में आयोजित व्यापारी सम्मेलन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि भारतीय उद्योग व्यापार मंडल कश्मीर से कन्याकुमारी तक व्यापारी समाज की सशक्त आवाज बन चुका है।

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